चुंबक कैसे काम करते हैं? ध्रुव, इलेक्ट्रॉन और लोहा
राष्ट्रीय उच्च चुंबकीय क्षेत्र प्रयोगशाला (National High Magnetic Field Laboratory, MagLab) के अनुसार चुंबकत्व इलेक्ट्रॉनों पर टिका है। हर चुंबक का एक उत्तरी और एक दक्षिणी ध्रुव होता है, विपरीत ध्रुव आकर्षित करते हैं और समान ध्रुव प्रतिकर्षित करते हैं।
1. हर चुंबक में क्या समान है
MagLab सभी चुंबकों में साझा कुछ गुण गिनाता है:
- हर चुंबक का एक उत्तरी ध्रुव और एक दक्षिणी ध्रुव होता है।
- विपरीत ध्रुव आकर्षित करते हैं और समान ध्रुव प्रतिकर्षित करते हैं। उत्तर दक्षिण को खींचता है; उत्तर उत्तर को धकेलता है।
- हर चुंबक एक चुंबकीय क्षेत्र से घिरा होता है। परंपरा के अनुसार क्षेत्र रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से दूर और दक्षिणी ध्रुव की ओर जाती हैं।
पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक है। MagLab समझाता है कि वैज्ञानिक मानते हैं कि पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र ग्रह के तरल बाहरी कोर में संवहन धाराओं से आता है, जो मुख्यतः लोहे से बना है। इसे जियोडायनमो कहते हैं।
2. सब कुछ इलेक्ट्रॉनों पर टिका है
MagLab के अनुसार, सारा चुंबकत्व दो में से किसी एक तरीक़े से इलेक्ट्रॉनों पर टिका है:
- गतिमान इलेक्ट्रॉन। विद्युत धारा, यानी तार में इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह, हमेशा चुंबकीय क्षेत्र बनाती है। विद्युत चुंबक इसी तरह काम करते हैं।
- घूमते (स्पिन करते) इलेक्ट्रॉन। आपके फ्रिज पर लगे जैसे स्थायी चुंबकों में चुंबकत्व इलेक्ट्रॉनों के स्पिन से आता है। हर इलेक्ट्रॉन अपने उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव वाले एक छोटे चुंबक की तरह व्यवहार करता है, और उसकी धुरी दो संभावित दिशाओं में से एक की ओर हो सकती है।
3. ज़्यादातर चीज़ें चुंबकीय क्यों नहीं होतीं
अगर हर इलेक्ट्रॉन एक छोटा चुंबक है तो हर चीज़ चुंबकीय क्यों नहीं?
MagLab समझाता है कि ज़्यादातर पदार्थों में परमाणु इस तरह सजे होते हैं कि एक इलेक्ट्रॉन का चुंबकीय अभिविन्यास दूसरे के अभिविन्यास को रद्द कर देता है। वे सारे छोटे चुंबक विपरीत दिशाओं में होते हैं, और उनके प्रभाव मिलकर ऐसा कुछ नहीं देते जिसे आप महसूस कर सकें।
4. लोहे को ख़ास क्या बनाता है: चुंबकीय डोमेन
लोहा और कुछ अन्य पदार्थ अलग हैं। उनके परमाणु चुंबकीय डोमेन नामक छोटे क्षेत्रों में समूहित होते हैं। हर डोमेन के भीतर इलेक्ट्रॉनों का चुंबकीय अभिविन्यास एक जैसा होता है।
तो साधारण लोहे की कील चुंबक क्यों नहीं होती? क्योंकि डोमेन ख़ुद अलग-अलग दिशाओं में होते हैं, इसलिए कुल मिलाकर वे एक-दूसरे को रद्द कर देते हैं।
उस कील को चुंबकीय क्षेत्र में रखें तो डोमेन एक ही दिशा में पंक्तिबद्ध होने लगते हैं। MagLab नतीजे को सरलता से बताता है: स्थायी चुंबक वह वस्तु है जिसमें सभी डोमेन एक ही तरह पंक्तिबद्ध हैं।
इस तरह व्यवहार करने वाले पदार्थों को लौहचुंबकीय (ferromagnetic) कहते हैं। MagLab बताता है कि कमरे के तापमान पर केवल चार तत्व लौहचुंबकीय हैं और स्थायी रूप से चुंबकित किए जा सकते हैं: लोहा, निकल, कोबाल्ट और गैडोलिनियम। पाँचवाँ, डिस्प्रोसियम, केवल निम्न तापमान पर लौहचुंबकीय बनता है। एल्युमिनियम इस सूची में नहीं है, इसीलिए चुंबक एल्युमिनियम की सोडा कैन से फिसल जाता है। इसके उलट, फ्रिज का दरवाज़ा उन रोज़मर्रा के अस्थायी चुंबकों में से एक है जो MagLab अपनी कक्षा-गतिविधि में गिनाता है।
5. स्थायी चुंबक बनाम अस्थायी चुंबक
स्थायी चुंबक बिना किसी बिजली के अपना चुंबकत्व बनाए रखते हैं। आप उन्हें बंद नहीं कर सकते। MagLab सिरेमिक चुंबकों और एल्निको (alnico), जो एल्युमिनियम, निकल और कोबाल्ट की मिश्रधातु है, को दो आम प्रकार बताता है।
अस्थायी चुंबक केवल चुंबकीय क्षेत्र में रहने पर चुंबक की तरह काम करते हैं। नरम लोहा ऐसा व्यवहार करता है, और MagLab बताता है कि इसी कारण इसे टेलीफ़ोन और इलेक्ट्रिक मोटर जैसे उपकरणों में अस्थायी चुंबक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
यह आप पेपर क्लिप से देख सकते हैं। MagLab की एक कक्षा-गतिविधि में चुंबक को छूता हुआ पेपर क्लिप ख़ुद चुंबक बन जाता है और दूसरे पेपर क्लिप को थाम सकता है। दोनों क्लिप को धीरे से अलग करें तो वे कुछ देर एक-दूसरे से चिपके रहते हैं, क्योंकि उनके इलेक्ट्रॉन अब भी व्यवस्थित हैं। उन्हें मेज़ पर गिरा दें तो झटका उस व्यवस्था को बिगाड़ देता है, और चुंबकत्व खत्म हो जाता है।
6. चुंबक अपना खिंचाव कैसे खोते हैं
"स्थायी" का मतलब हमेशा नहीं। MagLab चुंबक को विचुंबकित करने के दो मुख्य तरीक़े बताता है:
- गर्मी। गर्मी देने से ऊर्जा जुड़ती है जो पंक्तिबद्धता बिगाड़ती है। जिस तापमान पर चुंबक अपना क्षेत्र नहीं थाम पाता, उसे क्यूरी बिंदु (Curie point) कहते हैं।
- चोट। हथौड़े जैसी ज़ोरदार चोट पंक्तिबद्ध डोमेनों को उनकी पंक्ति से खिसका सकती है।
चुंबक कितने समय टिकता है, यह उसके पदार्थ पर निर्भर है। MagLab बताता है कि शुद्ध लोहा केवल कुछ मिनट चुंबकित रहता है, जबकि कई लौह मिश्रधातुएँ अपना चुंबकत्व कहीं अधिक देर रखती हैं।
7. विद्युत चुंबक: ऑन स्विच वाले चुंबक
1819 में हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड (Hans Christian Ørsted) ने देखा कि धारा वाले तार के पास कंपास की सुई घूम गई। MagLab वजह समझाता है: धारा हमेशा तार के चारों ओर घूमता चुंबकीय क्षेत्र पैदा करती है।
एक सीधा तार कमज़ोर क्षेत्र बनाता है। MagLab उसे मज़बूत करने का तरीक़ा बताता है:
- तार की कुंडली बनाएँ। उसे फेरों में लपेटने से अलग-अलग क्षेत्र मिलकर कहीं ज़्यादा मज़बूत क्षेत्र बनाते हैं। ऐसी कुंडली को सोलेनॉइड (solenoid) कहते हैं, और उसका क्षेत्र फेरों की संख्या के अनुपात में बढ़ता है। दस फेरे एक फेरे के लगभग 10 गुना क्षेत्र देते हैं।
- लोहे की क्रोड (core) डालें। लोहे के डोमेन कुंडली के क्षेत्र के साथ पंक्तिबद्ध हो जाते हैं और ज़्यादा बिजली लगाए बिना उसे काफ़ी बढ़ा देते हैं।
- धारा बढ़ाएँ। कुंडली में ज़्यादा शक्ति का मतलब ज़्यादा मज़बूत क्षेत्र।
धारा बंद करें तो क्षेत्र ग़ायब हो जाता है।
8. चुंबक कितना मज़बूत है?
वैज्ञानिक चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता टेस्ला (tesla) और गॉस (gauss) में मापते हैं, जहाँ 1 टेस्ला 10,000 गॉस के बराबर है। MagLab कुछ तुलनाएँ देता है:
| चुंबक | लगभग तीव्रता |
|---|---|
| पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र | 0.5 गॉस (0.00005 टेस्ला) |
| सामान्य फ्रिज चुंबक | 10 गॉस |
| सबसे शक्तिशाली स्थायी चुंबक | लगभग 1.5 टेस्ला |
विद्युत चुंबक स्थायी चुंबकों से कहीं ऊँचे जा सकते हैं, इसीलिए शोध प्रयोगशालाएँ और अस्पतालों के MRI स्कैनर उन पर निर्भर करते हैं।
9. मुख्य बातें
- हर चुंबक का एक उत्तरी और एक दक्षिणी ध्रुव होता है; विपरीत ध्रुव आकर्षित करते हैं और समान ध्रुव प्रतिकर्षित करते हैं।
- चुंबकत्व इलेक्ट्रॉनों से आता है, या तो धारा के रूप में बहते हुए या अपनी जगह घूमते हुए।
- ज़्यादातर पदार्थों में इलेक्ट्रॉन-चुंबक एक-दूसरे को रद्द कर देते हैं; लोहे और कुछ अन्य धातुओं में वे डोमेन में पंक्तिबद्ध हो जाते हैं।
- स्थायी चुंबक वह पदार्थ है जिसके सभी डोमेन एक ही ओर हों; गर्मी या ज़ोरदार चोट उन्हें बिखेर सकती है।
- विद्युत चुंबक धारा वाली कुंडली है, अक्सर लोहे की क्रोड के साथ, और धारा रुकते ही वह बंद हो जाता है।